तुम हो वाचाल तो मैं हूँ मौन !
तुम हो सर्वज्ञ तो मैं हूँ कौन !
हाँ ,कितना अन्तर है..??
तुमको दूध तो मुझको फल ,
तुम हो अग्नि तो मैं हूँ जल,
हाँ ,कितना अन्तर है..??
तुमको उदय तो मुझको अस्त ,
तुम हो चिंतित तोमैं हूँ मस्त,
हाँ ,कितना अन्तर है..??
तुमको गीत तो मुझको ग़ज़ल,
मैं हूँ गंभीर तो तुम चंचल ,
हाँ ,कितना अन्तर है..??
कितने अन्तर हैं देखो तो ,
ऐसा ही लगता है,
मगर अन्तर में दोनों के ,
कहाँ कुछ अन्तर है॥
तुमको प्रीत तो मुझको लगन ,
तुम हो दिल तो मैं धड़कन।
कहाँ कुछ अन्तर है...
कहाँ कुछ अन्तर है...