काश तुम दिख जाओ अचानक से कभी यूँ ही कहीं
और खुश हो जाएँ दिल अपने फिर कभी यूँ ही कहीं
यूँ तो गुज़र रही है तसल्ली से ज़िन्दगी अपनी
पर करिश्मा कोई हो जाए कभी यूँ ही कहीं
वो जो हमदर्द हमनवां और हमराज़ है मेरा
है ख्याल में दिल में धडकनों में हमेशा लेकिन
वो हो जाय रूबरू भी कभी यूँ ही कहीं
और खुश हो जाएँ दिल अपने फिर कभी यूँ ही कहीं
यूँ तो गुज़र रही है तसल्ली से ज़िन्दगी अपनी
पर करिश्मा कोई हो जाए कभी यूँ ही कहीं
वो जो हमदर्द हमनवां और हमराज़ है मेरा
है ख्याल में दिल में धडकनों में हमेशा लेकिन
वो हो जाय रूबरू भी कभी यूँ ही कहीं