दर्द
किसी के दर्द का एहसास यहाँ
कौन करे ,
मरने वालों के साथ रोज़ यहाँ
कौन मरे I
ख़ुशी मिलती है जो तुझको
किसी के मातम से ,
तो तू इन्सान नहीं, हैवानियत
से तेरी कौन डरे II
खुदगर्जी ने जितनी आँखों
में लायें है आंसू ,
उनकी दुआओं से तेरी ज़िन्दगी
महरूम रहे I
असर होगा जिस दिन उनकी आहों
में,
तेरी दौलत से तेरी हिफाज़त , भला कौन करे II
मेरा हौसला तो देखो ,मैं ये भी कर रहा हूँ,
खुद शोर में भी रह के, तेरी धड़कन को सुन रहा हूँ,
तुम कुछ पढ़ के गुनगुनाओ ,इसलिए तो लिख रहा हूँ,
दो चार लफ्ज़ लिख कर, तुम हौसला बढ़ाओ,
इसी उम्मीद में मैं तुमसे ये अशआर कह रहा हूँ..
वो पुछते हैं हमसे ,क्या मैं लब्ज़ों से खेलता हूँ,
मैं कहता हूँ ये उन्ही से,की क्या मजाल मेरी की मैं शब्दों में जान भर दूँ,
जीवन का कोरा कागज़ ,ग़म और ख़ुशी की स्याही ,
जो रंग देखता हूँ,वो रंग फेकता हूँ,
फिर ग़र उभर जो आयें, उनमे अच्छे हसीन चेहरे ,
मैं कहता हूँ ये उन्ही से,की क्या मजाल मेरी की मैं शब्दों में जान भर दूँ,
जीवन का कोरा कागज़ ,ग़म और ख़ुशी की स्याही ,
जो रंग देखता हूँ,वो रंग फेकता हूँ,
फिर ग़र उभर जो आयें, उनमे अच्छे हसीन चेहरे ,
कुछ शेर बन गए तो खुद को शायर सा देखता हूँ।
मुझे वो लफ्ज़ दे दे जो उसकी समझ में आये।
वरना तो मेरी बातें मेरे दिल की एक जुबां है।
कुछ और कह गया मैं कुछ और सुन गया वो।
कभी मैंने मनाना चाहा तो और रो दिया वो।
वो मुझसे कुछ खफा है मैं उससे कुछ खफा हूँ
वो जो प्यार था हमारा वो हमसे कुछ खफा है।
वो उसकी उदास आँखे जब अक्सर देखता हूँ
वो जो अक्स था मेरा उनमें उसको ढूँढता हूँ।
दुनिया के फेरे जिसने संभल संभल के सीखे
मैं फिर एक बार उसी भोले से दिल को ढूँढता हूँ।
कल फिर छटेंगे बादल खुशियों की धुप होगी,
मेरी तुम्हारी बांतों की महफ़िल को ढूँढता हूँ..
हर एक बात जो कि बेहतर है ज़िन्दगी में मेरी
हर एक शक्श जो वजह है कामयाबी का मेरी
हर एक दोस्त जो समझतें हैं मुझे
हर एक लम्हा जो गुज़रता है मुस्कुराते हुए
हर एक शय जो आँखों को भा जाती है
उन सभी का दिल से शुक्रिया
ज़िन्दगी में मुश्किलें हैं और रहेंगी सदा
पर उसका भी शुक्रिया कि सबक दिया मुझे
हर एक रुकावट ने नयी सोच दी मुझे
मैं चलता हूँ और चलता रहूँगा
किसी मंजिल पे पहुंचना मेरा मकसद नहीं रहा
पर सफ़र हो खूबसूरत यही तय किया मैंने।।
किसी मुकाम पे कोई कहाँ पहुँचता है,
सफल है वो जो की सफर को ही मंजिल माने,
उठाये हर कदम अपना वो मुस्कुराते हुए,
किसी की मुस्कुराहट को ही अपनी ज़िन्दगी माने,
मंजिलें ख़त्म न होंगी,ना रास्ते कहीं ले जाएँगे तुझे ,
तू वही था ,वही है,वही रहेगा मगर,
तुझे बदलने वाले ,खुद ही बदल जाएँगे ..
ख़त्म हो जायेंगे जब तेरे सारे सवाल ,
तेरे अंतर में उजाले से नज़र आयेंगे,
उसी अग्नि में तुझे सुकून मिलेगा पगले ,
तेरे चारों तरफ बस फूल नज़र आयेंगे ..
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